छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्कजशपुरराज्यरायपुरसरगुजासरगुजा संभाग

FLN मेला आयोजित — बच्चे बने सीखने के स्वयं संचालक

संकुल केंद्र बटईकेला, विकासखंड कांसाबेल

बाल दिवस के अवसर पर संकुल केंद्र–बटईकेला में “करके देखबो, सीख के रहीबो” की तर्ज पर FLN (Foundational Literacy and Numeracy) मेला का रंगारंग आयोजन किया गया। संकुल के अंतर्गत आने वाले 6 प्राथमिक विद्यालयों के कुल 63 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टॉल लगाकर अपनी सीखने-समझने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

मेले का उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल का विकास करना था। बच्चे भाषा, गणित, अंग्रेजी तथा बालवाड़ी अवधारणाओं को खेल-खेल में सीखते और सिखाते हुए नजर आए। यह आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने को आकर्षक एवं सहज बनाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ।

FLN मेले का महत्व

संकुल समन्वयक श्री अजय खलखो ने बताया कि शिक्षक छोटे बच्चों को सीखने-सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। FLN मेला बच्चों को स्वयं करके सीखने और साथियों को सिखाने का अवसर देता है। यह शिक्षकों के लिए भी नई शिक्षण विधियों को आजमाने और साझा करने का एक सशक्त मंच है।

पूरी तरह बच्चों द्वारा संचालित स्टॉल

मेले में विद्यार्थियों ने भाषा, गणित, अंग्रेजी एवं प्री-स्कूल अवधारणाओं से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए, जो पूरी तरह बच्चों द्वारा संचालित रहे। इन गतिविधियों ने बच्चों के सीखने में उत्साह और सहभागिता बढ़ाई।

शिक्षकों एवं समुदाय की उल्लेखनीय सहभागिता

आयोजन में संकुल क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्कूलों के प्रधानपाठक

श्री सुशील एक्का, श्री विनय प्रकाश, श्री सिलधर कुंज, श्रीमती शांति कुजूर, श्रीमती रोशन टोप्पो।

साथ ही सहायक शिक्षक

श्रीमती प्रतिमा खलखो, श्री कमल नारायण, श्री निलेश एक्का, श्री सुरजीत सिंह, श्री वीरेंद्र एक्का, श्री जितेंद्र पैकरा, श्रीमती सुशीला खलखो की सक्रिय भूमिका रही।

पालक और समुदाय के सदस्यों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जो यह दर्शाता है कि समाज शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में सक्रिय और जिम्मेदार साझेदार बनते जा रहे हैं।

समापन संदेश

कार्यक्रम के अंत में समन्वयक ने कहा

“सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जब भी मौका मिले, कुछ नया अवश्य सीखते रहना चाहिए।”

Related Articles

Back to top button