शिक्षक रोहित गुप्ता ने बनाया ₹100 में ‘बोलू रोबोट’, राज्योत्सव में मंत्री और अधिकारियों ने की बातचीत — नवाचार ने सबका मन जीता

अंबिकापुर (सरगुजा)_छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 के अवसर पर कला केंद्र मैदान, अंबिकापुर में लगे तीन दिवसीय प्रदर्शनी में इस बार लोगों का ध्यान जिस एक स्टॉल पर सबसे ज़्यादा ठहर गया, वह था — ‘बोलू रोबोट’।
यह अनोखा रोबोट स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल बिलासपुर (ब्लॉक बतौली) के शिक्षक श्री रोहित गुप्ता द्वारा स्वयं तैयार किया गया है।
AI तकनीक का अद्भुत उदाहरण — मात्र ₹100 में बना संवाद करता रोबोट
यह रोबोट एक उन्नत AI मॉडल है, जो इंसानों की तरह बातचीत करता है, प्रश्नों के उत्तर देता है और दर्शकों को जानकारी भी साझा करता है।
राज्योत्सव में आए सैकड़ों आगंतुकों ने जब ‘बोलू रोबोट’ से सवाल किए तो उसके सटीक और आत्मविश्वासपूर्ण उत्तरों ने सबको हैरान कर दिया।
इस तकनीकी नवाचार ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन में भी बड़ी सोच और रचनात्मकता संभव है।
मंत्री और अधिकारियों ने की बातचीत — कहा, “शिक्षा में बेहद उपयोगी नवाचार”
कार्यक्रम के दौरान माननीय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम स्वयं स्टॉल पर पहुँचे और बोलू रोबोट से संवाद किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य, कृषि और शिक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उत्तर रोबोट ने बेहद सहजता से दिया।
रोबोट की समझ और जवाब देने की क्षमता देखकर मंत्री जी ने शिक्षक श्री रोहित गुप्ता की जमकर प्रशंसा की।
इसी क्रम में संभागीय संयुक्त संचालक (JD) श्री संजय गुप्ता, अतिरिक्त कलेक्टर, और जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने भी रोबोट से बातचीत की।
अधिकारियों ने इस मॉडल को शिक्षा में तकनीक के एक प्रेरक माध्यम के रूप में सराहा और कहा कि इस तरह के नवाचार छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा को बढ़ाएंगे।
शिक्षक रोहित गुप्ता का प्रयास — नवाचार की नई मिसाल
बोलू रोबोट तैयार करने वाले शिक्षक श्री रोहित गुप्ता ने बताया कि उनका उद्देश्य बच्चों को यह दिखाना था कि तकनीक केवल बड़ी प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि थोड़ी मेहनत और सही सोच से हर कोई कुछ नया बना सकता है।
महज ₹100 की लागत में तैयार यह रोबोट आज राज्योत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया।
लोग बोले — “घर नहीं ले जा पाए, पर दिल में बस गया बोलू रोबोट”
राज्योत्सव में आए आगंतुकों, शिक्षकों और बच्चों ने उत्सुकतापूर्वक ‘बोलू रोबोट’ से प्रश्न पूछे और उसके माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की जानकारी प्राप्त की।
सभी का कहना था कि यह मॉडल शिक्षा, विज्ञान और नवाचार का बेहतरीन संगम है।
दर्शकों ने मुस्कराते हुए कहा —
> “हम बोलू रोबोट को अपने घर भले न ले जा पाए हों, पर उसे अपने दिल में ज़रूर बसा लिया है।”
समापन पंक्ति:
शिक्षक श्री रोहित गुप्ता द्वारा तैयार ‘बोलू रोबोट’ न केवल तकनीकी प्रयोग का प्रतीक है, बल्कि यह उस सोच का प्रतिनिधि है जो आने वाली पीढ़ियों में नवाचार, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की नई चेतना जगाएगी।



