मैनपाट में प्रस्तावित बॉक्साइट प्लांट को लेकर ग्रामीणों का तीखा विरोध, टी.एस. सिंहदेव ने दी प्रतिक्रिया

मैनपाट_छत्तीसगढ़ के शिमला कहलाने वाले खूबसूरत पर्यटन स्थल मैनपाट में बॉक्साइट प्लांट स्थापित किए जाने की तैयारी चल रही है। लेकिन प्लांट शुरू होने से पहले ही ग्राम कंडराजा के ग्रामीणों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की पुश्तैनी खेती योग्य भूमि है, जिस पर वे पीढ़ियों से कृषि करते आए हैं और यही उनकी आजीविका का मुख्य आधार है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि—
- बॉक्साइट प्लांट खुलने से क्षेत्र का भूजल स्तर गिर सकता है,
- प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा,
- खेती लायक जमीन बर्बाद होगी,
- और स्थानीय किसान अजीविका से वंचित हो जाएंगे।
इन्हीं आशंकाओं को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और आपत्ति पत्र दिए जा रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव की प्रतिक्रिया
मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का भी बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि—
- निजी जमीन पर लगने वाले किसी भी प्लांट के लिए 80% ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य है।
- सरकारी जमीन पर प्लांट लगाने के लिए कम से कम 70% ग्रामीणों की सहमति जरूरी होती है।
- ग्राम सभा में सुनवाई, चर्चा और विधिवत मंजूरी मिलने के बाद ही किसी भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बिना जनसहमति के किसी भी उद्योग को स्थापित करना नियमों के खिलाफ है।
ग्रामीणों का साफ संदेश
ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध किसी कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी खेती, पानी, जमीन और भविष्य की सुरक्षा को लेकर है। यदि प्लांट लगा तो पूरा क्षेत्र पर्यावरणीय खतरे में आ जाएगा और मैनपाट की पहचान—पर्यटन और प्राकृतिक शांति—दोनों पर असर पड़ेगा।



